हर किसी को उसका अनमोल जीवन किसी विद्या को रटकर केवल मशीन के रूप में कार्य करते रहने के लिए नहीं अपितु जिज्ञासु होकर इस ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने और उन्हें समझने के लिए मिला है। अनेक गूढ़ और रहस्यों से परिपूर्ण विधाओं में से एक विधा है-भौतिक विज्ञान जो कि एक ऐसा विषय है जिसे अकादमिक पुस्तकों के माध्यम से कम और अपने आसपास की उपस्थिति के साथ आत्मसात् होते हुए समझकर ही अधिक समझा जा सकता है।इस पुस्तक में केवल एक साइकिल या मोटरसाइकिल का उदाहरण लेकर उसके संतुलन को अलग-अलग परिस्थितियों में समझने का प्रयास किया गया है। उसकी गति संबंधी अनेक तरह की अद्भुत क्रियाओं को इस पुस्तक में बड़े ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। आवश्यकतानुसार कहीं कहीं गणितीय उदाहरण के माध्यम से उन क्रियाओं से जुड़े तरह तरह के पहलुओं को भी समझने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक पढ़ते हुए आपको हर क्षण ऐसा प्रतीत होगा जैसे कि विवरण में वर्णित घटना या क्रिया के समय आप ही उस साइकिल या मोटरसाइकिल के चालक हैं। आशा है कि इस पुस्तक के माध्यम से आपको विज्ञान को समझने के लिए एक नई और रोचक प्रस्तुति का प्रेरक अनुभव होगा।