मृदुला गर्ग ने अपने इस कहानी संग्रह में अपने आसपास घट रहे जीवन की कड़वी मीठी अनुभूतियों को समेटने का सफल प्रयास किया है। ये कहानी हर किसी को अपने जीवन के प्रसंग जैसी प्रतीत होती हैं। इनकी भाषा अत्यंत सरल और भावुकताभरी है। ये कहानियां न केवल मनोजरंजन करती हैं वरन पाठक स्वयं कहानी की भावनाओं के साथ प्रवाहित होने लगता है।