रावण — एक ऐसा नाम जो मरने के बाद भी डर बनकर ज़िंदा है। त्रेता युग में उसका अंत तो हुआ लेकिन उसके कुछ रहस्य आज भी अनछुए हैं — और बेहद ख़तरनाक। जब अमेरिका के विद्वान डॉ. विक्टर विलियम को दक्षिण अफ्रीका के एक पुरातन पुस्तकालय में ‘दशानन पुराण’ नामक रहस्यमयी ग्रंथ मिलता है तो शुरू होती है एक ऐसी खोज जो इतिहास और भय के बीच की सीमाएँ तोड़ देती है। इस खतरनाक मिशन में उनका साथ देता है भारत सरकार का गुप्त दल — एपिखोज जिसका नेतृत्व कर रहे हैं कैप्टन राम रॉयली। जल्द ही उन्हें एहसास होता है कि यह केवल एक किताब के रहस्यों की खोज नहीं बल्कि उन राक्षसी शक्तियों से टकराव है जो सदियों से इस रहस्य की रक्षा कर रही हैं। एक ऐसा चक्रव्यूह... जहाँ से बाहर निकलना लगभग नामुमकिन है। गोल्डन सिटी लाल पत्थर और के. के. अटापट्टू की ३०० साल पुरानी गुमशुदगी — हर कड़ी एक ऐसे सच की ओर ले जाती है जिसे जानना जितना रोमांचक है उतना ही जानलेवा। ‘दशानन: गोल्डन सिटी’ सिर्फ़ एक कथा नहीं बल्कि एक रहस्य एक रोमांच एक मनोवैज्ञानिक खेल है — जो न केवल आपको अंत तक बाँध कर रखेगा बल्कि सोचने पर भी मजबूर कर देगा। इस कहानी में आपको मिलेगा — रहस्य रोमांच दोस्ती प्यार और मानवीय संबंधों की वह परतें जो आपको भावनाओं से जोड़ेंगी और एक अनदेखी दुनिया की ओर ले जाएँगी।