सावित्री शर्मा का कहानी संग्रह ‘दावत-ए-कहानी’ सच में एक दावत नामा है। हर कहानी में अलग स्वाद अलग रंग और अलग सुगंध समेंटे ये संग्रह किसी दस्तरख़ान से कम नहीं हैं। इस संग्रह की हर कहानी जो लिख पाती है वह उससे बहुत कम होता है जो वो कह जाती है। इन कहानियों का एक स्तम्भ अगर भारतीय परिवेश पर टिका है तो दूसरा विदेशी उड़ान पर। ‘कहानी लव स्टोरी की’ अस्सी के दशक की युवती रेणु की कहानी है। परंपरागत परिवार के सख्त कायदे कानून के बीच अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं के लिए रास्ते बनाती रेणु कैसे उन रिवायतों से पार पायेगी जो उसके लिए अनचाही ही सही लेकिन परिवार का तो सरमाया है? घर से कॉलेज के रास्ते में बसी उसकी आजादी आखिर कितनी आजाद है? आज के समाज को पिछले चालीस सालों से जोड़ता ये पुल क्या कुछ नहीं कह जाता।