यह कहानी फिल्मी नहीं है क्योंकि फिल्में कहानियों से प्रेरित होती हैं और यह कहानी वास्तविकता से । कहानी के केंद्र में है 'हिंदुस्तान की एक युवा' जिसका प्लान A अधूरा रह जाता है इसलिए वो प्लान B की लाइफ जी रही है। पर क्या ये प्लान B हमेशा एक कोम्प्रोमाईज़ होता है ? यह कहानी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव के सरकारी प्राइमरी स्कूल के बच्चों और उनके शिक्षक की है। यह बेसिक शिक्षा विभाग गाँव की जनता और उनके सीमित दृष्टिकोण की कहानी है। साथ ही यह किसी के ‘फॉलिंग इन लव’ से ‘राइजिंग इन लव’ तक के सफर को दर्शाती है।