This combo product is bundled in India but the publishing origin of this title may vary.Publication date of this bundle is the creation date of this bundle; the actual publication date of child items may vary.हिन्दुओं के अनगिनत देवी-देवताओं में से शिव सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। महादेव के नाम से भी जाने जानेवाले शिव विष्णु और ब्रह्मा के साथ हिन्दू देवताओं के त्रिमूर्ति माने जाते हैं। शिव के अनेक रूप हैं: कहीं तो वह कैलाश पर्वत की बफऱ्ीली चोटी पर बैठे अपने पर नियंत्रण रखनेवाले एक ब्रह्मचारी योगी हैं जो दुनिया का विनाश करने की क्षमता रखते हैं तो दूसरी और अपनी पत्नी और पुत्रों के साथ गृहस्थ आश्रम का आनन्द भोगते हुए गृहस्थी हैं। इनमें से कौन-सा है शिव का वास्तविक रूप? माथे पर तीसरी आँख गर्दन में सर्प शीश पर अर्द्धचन्द्र केशों से बहती गंगा और हाथों में त्रिशूल और डमरू-इन सब प्रतीकों का क्या अर्थ है ? शिव के अनेक रूप और प्रतीकों के पीछे छिपे हैं हमारे पौराणिक अतीत के अनेक रहस्य जिनमें से सात को समझने का प्रयास इस पुस्तक में किया गया है।हिंदुतत्व में स्त्री को देवी के समान माना गया है | देश के विभिन्न हिस्सों में देवी के अलग-अलग रूप पूजे जाते हैं| कहीं वह प्रकृति के रूप में माता हैं कहीं पर मानवता की स्रष्टा है कही पर ज्ञान कि देवी सरस्वती है तो कहीं पर सम्पदा कि देवी लक्ष्मी है | इन अलग अलग रूप के क्या महत्व हैं और इस देवी से जुड़े प्रतिक और कर्मकाण्डो का क्या मतलब है इन्ही सब बातों को समझने का प्रयास इस पुस्तक में किया गया हैं | देवदत्त पट्टनायक पौराणिक विषयों के जाने-माने विशेषज्ञ हैं। पौराणिक कहानियों संस्कारों और रीति-रिवाज़ों का हमारी आधुनिक जि़न्दगी में क्या महत्त्व है इस विषय पर वह लिखते हैं और जगह-जगह व्याख्यान भी देते हैं। इनकी पन्द्रह से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और टीवी पर इनका कार्यक्रम भी दिखाया जाता है। विष्णु के सात रहस्य शिव के सात रहस्य और शिखण्डी और कुछ अनसुनी कहानियाँ उनकी बहुचर्चित पुस्तकें हैं।