सामान्य रूप से जिजीविषा को प्रेरणा माना जाता है जो जीवन को ऊपर की ओर ले जाती है परंतु जब यह ढलान पर होती है तो अस्तित्व का संकट खड़ा हो जाता है। इसी संकट से जूझ रही मानवता का चित्रण ढलान पर खड़ी जिजीविषा में वर्णित किया गया है। इस विरोधाभास इंगित करना व जीवन क सही अर्थों में जीने की प्रेरणा देना ही कविताओं की अंतर्वस्तु है जिसमें कवि सफल रहा है। इन कविताओं की भाषा प्रांजल व प्रवाहपूर्ण है। इस कविता संग्रह के अध्ययन के बाद आपको चिंतन हेतु पर्याप्त सामग्री मिलेगी। इसे पढ़ने के बाद जीवन के प्रति आपका नजरिया वह नहीं रहेगा जो पहले था। आप भी दुनिया को बेहतर बनाने को सोचने पर विवश हो जाएँगे।