धमीड़ अर दूजी कहाणियां रामजी लाल घोड़ेला की राजस्थानी कहानियों की पुस्तक है जो राजस्थानी लोक संस्कृति परंपराओं और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। यह कथा-संग्रह पाठकों को ग्रामीण जीवन की सादगी संघर्षों और मूल्यों की गहराई में ले जाता है। लेखक ने अपनी सहज और प्रभावशाली लेखनी के माध्यम से प्रत्येक कहानी में भावनाओं नैतिकता और सामाजिक सरोकारों को बखूबी उकेरा है।