अब आपके समक्ष प्रस्तुत है इस शृंखला का दूसरा और अंतिम भाग - धर्मा का महायुद्ध: अनकही कथा भाग 2। यह भाग न केवल धर्मा के चरित्र की गहराई से पड़ताल करता है बल्कि फ्रां गैलेक्सी और म्यूवर्स जैसे पैरेलल यूनिवर्स में घटित उस निर्णायक संघर्ष को भी सामने लाता है जिसमें धर्मा ने सुप्रीम कमांडर नोकोईविद को चुनौती दी। इस महायुद्ध ने सत्ता की समूची संरचना को ही बदल डाला - और यह उपन्यास उसी ऐतिहासिक संघर्ष का सजीव वर्णन है। यह कृति आपको न केवल आरंभ से अंत तक बांधे रखेगी बल्कि पहले भाग में उठे सभी रहस्यों से भी परदा हटाएगी जिससे कथा की रोमांचकता कई गुना बढ़ जाती है।