कुलदीप सिंह भाटी की कविताएँ व्यापक साहित्यिक धरातल को समृद्ध करती हैं। समकालीन काव्य जगत में ये कविताएँ भाषा और भाव की परिपक्वता की दृष्टि से पहचान बनाती दिखती हैं। काव्य संग्रह धूप और धरती का प्रेम मनुष्य और प्रकृति के भावनात्मक गठजोड़ को व्यक्त करता है। प्रेम स्नेह करुणा और संवेदना के साथ रची गई यह कविताएं वास्तव में संग्रहणीय है। कविताई के इस संक्रमण काल में कुलदीप सिंह भाटी का काव्य संग्रह ताज़गी का आभास देता है। इनकी कविताएँ ग्रामीण और शहरी जीवन को अद्भुत रूप से साथ में लिए चलती हैं और इसका सुंदर सामंजस्य दिखता है। यह संग्रह अच्छी कविताओं का एक सशक्त हस्ताक्षर है।