DHYAN AUR TAPARPAN – DHYAN DHYAN GAURAV AUR DHYAN KA SWAGAT KAISE KAREN
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ध्यान मार्ग : स्वयं के साथ-साथ लोककल्याण रहस्यजब सब कुछ मन मुताबिक चल रहा हो तो किसी को ध्यान करने का ख्याल नहीं आता। लेकिन जैसे ही जीवन में दुःख तनाव अशांति उत्पन्न होती है इंसान उनसे पीछा छुड़ाने और अच्छा महसूस करने के लिए ध्यान की ओर बढ़ता है।या फिर वह अपने ऐसे गुणों को उभारने के लिए ध्यान की ओर आकृष्ट होता है जिससे उसे ज़्यादा सांसारिक सफलता मिले। जैसे एकाग्रता इच्छा शक्ति संकल्प शक्ति इनट्यूशन पावर बढ़ाना आदि।आप भी यदि ऐसे किसी कारण से ध्यान में रुचि रखते हैं तो समझिए आप ध्यान की बहुत कम कीमत आँक रहे हैं। क्योंकि ये सभी लाभ तो ध्यान के साथ बोनस में आने ही वाले हैं लेकिन उससे आपकी जो उच्चतम संभावना खुलती है वह अकल्पनीय है।प्रस्तुत ग्रंथ में आप ध्यान के उच्चतम लक्ष्य को जानेंगे साथ ही उसे प्राप्त करने हेतु अलग-अलग ध्यान विधियों का अध्ययन करेंगे ताकि आप अपने स्वभाव अनुसार अपने लिए सर्वाधिक उचित ध्यान विधि का चयन कर सकें।इसके अतिरिक्त आप जानेंगे ध्यान को स्वयं के साथ-साथ लोक कल्याण के लिए कैसे उपयोग करें ताकि ध्यान का आपके साथ-साथ पूरे विश्व को भी लाभ हो।तो आइए ध्यान ध्यान का गौरव और ध्यान का स्वागत करने का उत्सव समारोह मिलकर शुरू करें।
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