Dhyan Sutra (????? ?????) + Jeevan Ki Khoj (???? ?? ???)
Hindi

About The Book

ध्यान-सूत्रमहाबलेश्वर के प्राकृतिक वातावरण में ओशो द्वारा संचालित ध्यान शिविर के दौरान हुए प्रवचनों व प्रायोगिक ध्यान प्रयोगों का संकलन है यह पुस्तक। शरीर विचारों और भावों की एक-एक परत से ग्रंथियों को विलीन करने की कला समझते हुए ओशो हमें समग्र स्वास्थ्य और संतुलन की ओर लिए चलते हैं।पुस्तक के कुछ अन्य विषय-बिन्दुः• सेक्स उर्जा का सृजनात्मक उपयोग कैसे करें?• क्रोध् क्या है? क्या है उसकी शक्ति?• अहंकार को किस शक्ति में बदलें?• वैज्ञानिक युग में अध्यात्म का क्या स्थान है?जीवन की खोजजीवन क्या है?उस जीवन के प्रति प्यास तभी पैदा हो सकती है जब हमें यह स्पष्ट बोध हो जाए हमारी चेतना इस बात को ग्रहण कर ले कि जिसे हम जीवन जान रहे हैं वह जीवन नहीं है । जीवन को जीवन मान कर कोई व्यक्ति वास्तविक जीवन की तरफ कैसे जाएगा? जीवन जब मृत्यु की भांति दिखाई पड़ता है तो अचानक हमारे भीतर कोई प्यास जो जन्म-जन्म से सोई हुई है जाग कर खड़ी हो जाती है । हम दूसरे आदमी हो जाते हैं। आप वही हैं जो आपकी प्यास है । अगर आपकी प्यास धन के लिए है मन के लिए है अगर आपकी प्यास पद के लिए है तो आप वही हैं उसी कोटि के व्यक्ति हैं। अगर आपकी प्यास जीवन के लिए है तो आप दूसरे व्यक्ति हो जाएंगे। आपका पुनर्जन्म हो जाएगा।पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदुः1-वास्तविक जीवन क्या है?2-चित्त की स्वतंत्रता ही सत्य का मार्ग है3-न तो विचार द्वार है न अविचार द्वार है-द्वारर है निर्विचार-सजगता4-जीवन को तो वही उपलब्ध होगा जो जागरण के पक्ष में हो.
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