Diya Bale Agam Ka (???? ??? ??? ??)
Hindi


Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.

LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE

About The Book

ओशो अद्वैत का माधुर्य हैं समग्रता का सौंदर्य हैं; जगत के समस्त विरोधाभासों का काव्य हैं। उनका होना न-होने को अपने में समाहित किये हुए है। वे शून्य हैं और पूर्ण भी। वे स्वयं संदेश हैं- अनादि के अनंत के सनातन के भगवत्ता के। उनकी प्रत्येक भाव-भंगिमा बड़ी अनूठी और मधुरिमा युक्त है। उनका चलना होता है तो जैसे स्वयं नृत्य झंकृत हो रहा है। उनका बैठना होता है तो मानो अस्तित्व और अनस्तित्व मिलकर सूक्ष्म संगीत का सुमधुर ताना-बाना बुन रहे हैं। उनका उठना होता है तो जैसे अनाहत की आहट हो रही है। उनका मुखर होना होता है तो जैसे अमृत-वाणी का प्रबल प्रवाह चला आ रहा है। वे पलकें बंद करते हैं तो मानो अनंत अस्तित्व की लीला में समा रहे हैं। वे पलकें खोलते हैं तो जैसे सागर लहरों की क्रीड़ा का निनाद सुन रहा है। वे चले जाते हैं तो जैसे सब ठहर जाता है सहम जाता है।उनके आलोक की रश्मियां हमारे अंधकार के साथ आंख-मिचौली खेलती हैं। हमारा अंधकार उनके आलोक से ही उनको देख पाता है क्षण भर को और तब वह क्षण भी विराट हो जाता है। हमारी वेदना उन तक जाती है तो वे अपनी संवेदना का संस्पर्श देकर लौटा देते हैं। हमारी उदासी उन तक जाती है तो आनंद की गहराई लेकर लौट आती है। उनके आशीष अहिर्निश बरस रहे हैं। हमारे प्राणों में जब भी अभीप्सा की आग जलती है और हम समर्पित होते हैं तो उनके मेघ खिंचे आते हैं हम पर बरस जाते हैं।उनकी करुणा अपार है!
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
Fast Delivery
Fast Delivery
Sustainably Printed
Sustainably Printed
downArrow

Details