कहानी कथा किस्से-दास्तान लोक मानस में रचे-बसे होते हैं। सदियों से पुरानी पीढ़ी नई पीढ़ी को कहानी की थाती सौंपती रही है। समय-समय पर अनेक लेखकों ने इस मुंहबोली विरासत को शब्दों का जामा पहनाने का प्रयास किया है। ऐसा ही कुछ प्रयास रहा है मशहूर लेखक विजयदान देथा का।प्रस्तुत संकलन 'दोहरी जिंदगी' में उनकी चुनिंदा कहानियां ली गई हैं। राजस्थानी मिट्टी से जुड़ी उनकी कहानियों में जहां परंपरा की सोंधी महक है वहीं आधुनिकता की तीखी गमक भी है। सीधी सरल निष्कपट शैली में रची गई ये कहानियां मनोरंजन के साथ ही पाठकों को जीवन-सत्य से रूबरू करा जाती हैं।