भागदौड़ भरे इस क्रांतिकारी युग मे तेजी से होता हुआ विकास तो है पर अंदर का वो बचपन नदारद है जो कभी हुआ करता था। बच्चे तो हैं पर उनकी किलकारियाँ स्मार्टफोन की दुनिया मे कहीं गुम सी हो गयी है। एक पुराने टायर को डंडे से हाँक के जो खुशी मिल जाती थी महँगे-महँगे आडम्बरों में भी नही मिलती। आखिर किस ओर जा रहा है भविष्य। एक समय था जब बच्चे बाहर खेलते हर गली मोहल्ले में मिल जाते थे पर आज बच्चों के पास भी तनिक समय नही है। -- रसायन अभियन्ता(Chemical Engineer) के रूप में वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (Senior Executive) के पद पर कार्यरत युवा हिन्दी/अंग्रेज़ी लेखक कृष्ण कौस्तुभ मिश्र का जन्म जिला वाराणसी उत्तर प्रदेश के ग्राम खरगूपुर में हुआ था। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं। इनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव में हुई तत्पश्चात इन्होंने सी.बी.एस.ई बोर्ड से संबद्ध काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) वाराणसी के सेंट्रल हिन्दू बॉयज स्कूल से माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्राप्त की है। इन्होंने एम.जे.पी. रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJP Rohilkhand University) से ''केमिकल इंजीनियरिंग'' में स्नातक की उपाधि प्रथम श्रेणी में प्राप्त की। कृष्ण जी फ़िलहाल ''आरती केमिकल इंडस्ट्री'' गुजरात में केमिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले प्रमुख भारतीय दवा कम्पनी Zydus-Cadila वड़ोदरा गुजरात में कई वर्षों तक केमिकल इंजीनियर (सीनियर एग्जीक्यूटिव) के पद कार्यरत रह चुके हैं।