यह संकलन उस अलगाव एवं भौतिक दूरियों का परिणाम है जिसे हमने प्रकृति की मार से बचने के प्रयास में लॉकडाउन में महसूस किया है।हम अपने घरों और आश्रयों में बंद हैं वहाँ एक बंदी हैं और आशा कर रहे हैं कि यह कठिन समय हमारे किसी भी प्रियजन को चोट पहुँचाए बिना गुजर जाएगा। परंतु कई लोग ऐसे हैं जो फंसे हुए हैं और अपने घरों तक नहीं पहुँच सकते हैं। लेकिन प्रकृति पुनः सजीव हो रही है।इस संकलन के सह लेखकों ने वह लिखा है जो उन्होंने दूसरों के अपने प्रियजनों के एवं स्वयं के बारे में जो महसूस किया है।उन्होंने प्यार और दूरी के अलग - अलग परिक्षेप्य दर्शाये हैं और दिखाया है कि दूरियों के बीच प्यार कैसे जीवित रह सकता है या खत्म हो सकता है। उन्होंने दर्शाया है कि जब दो लोग अलग होते हैं तो थोड़ी गर्माहट कैसे प्यार बन सकती है और प्रेमियों के बीच थोड़ी सी दूरी कैसे विनाशकारी हो सकती है।