‘जिन कहानियों में प्यार बेइंतहा होता है उन कहानियों की एक दूसरी दुनिया होती है’ ‘दूसरी दुनिया’ बस एक किताब नहीं है जिसे सिर्फ़ पढ़ा जाना चाहिए बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सच्चे प्रेमी कभी मरते नहीं। वैसे ही जैसे लैला-मजनू हीर-रांझा रोमियो-जूलियट आज भी ज़िंदा हैं। प्यार में पड़ना और फिर बिछड़कर अपनी-अपनी राह में आगे बढ़ जाना आज के युग में आम है। मगर प्रेम क्या बस इतना ही है? नहीं। यह प्रेम बिल्कुल भी नहीं है और न ही यह प्रेम की दुनिया है। प्रेम की तो एक ‘दूसरी दुनिया’ होती है जहाँ प्रेम दो दिन में नहीं मरता बल्कि अमर हो जाता है सदियों-सदियों के लिए। ऐसी ही एक प्रेम कहानी छुपी है इस किताब के पन्नों में। यह कहानी आपसे मिलकर हमेशा के लिए आपकी होना चाहती है। बस आपके हाथों में किताब के खुलने की देरी है।