पं. डी. पी. मिश्रा समकालीन भारतीय राजनीति के विवादास्पद व्यक्तित्वों में से एक हैं जिसने देश के सर्वोच्च नेतृत्व को चार पीढ़ियों तक (पं. जवाहरलाल नेहरू इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक लगभग 65 वर्षों तक) देश की विभिन्न समस्याओं को निपटाने में अपनी कुशाग्र बुद्धि का परिचय दिया। समकालीन भारतीय राजनीति में पं. द्वारका प्रसाद मिश्र जैसा कोई व्यक्तित्व प्रकट हुआ था जिसे व्यवसायी और सिद्धांतिक राजनीति से परहेज था। इसी तथ्य को इस पुस्तक में उजागर किया गया है।