'एहसास अन्तर्मन के' शीर्षक से ही इस संकलन के विषय में आप जैसे गुणीजन अवश्य समझ गए होंगे कि यह मनोव्यथायें है हमारी, आपकी और हम सभी की । आधुनिक भौतिक सुख सुविधा के युग मे रिश्ते, सम्बन्ध, अपनापन, आदर्शों और स्नेहादर जैसे एहसासों को अधिकतर लोग बिसरा चुके हैं। इन्हीं लोगो के बीच रहते हुए कुछ आप जैसे संवेदनशील मानव भी हैं, जो नीतिमय जीवन जीने के लिये सदा तत्पर और समर्पित रहते हैं।