ईदगाह एक ऐसे संवेदनशील एवं दयावान बालक हामिद की कथा है जो ईद के अवसर पर मिली ईदी के पैसे से न तो खिलौना खरीदता है और न ही मिठाइयां बल्कि दादी अमीना के लिए एक चिमटा खरीद लाता है जिसकी उसे जरूरत होती है। इसी के साथ इस संग्रह में प्रेमचंद की अन्य कुछ कहानियां भी दी गई हैं जो प्रेरक रोचक मनोरंजक और अनुकरणी हैं।.