रिया बस्ती जिले की एक मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की जो नौकरी पाने के बाद पहली बार अपने बचपन का सपना जीने नैनीताल एकल यात्रा पर निकलती है। शिवा लखनऊ का एक नौजवान जो अपनी बी.टेक. की पढ़ाई पूरी कर चुका है तीन साल पहले हुई एक घटना ( जिसने उससे उसका सब कुछ छीन लिया ) से अभी तक उबर नहीं पाया है। दोनों की मुलाकात सफर के दौरान होती है। कुछ समय साथ व्यतीत करने के बाद रिया के आग्रह पर वह उसे अपने पहले प्यार के बारे में बताना शुरू करता है। रिया रोमांचित होकर शिवा की कहानी सुनती है। दोनों शिवा की मौसी के घर मुक्तेश्वर साथ में जाते हैं। कहानी के अंतिम रूप को रिया अपने सामने देख दंग रह जाती है उसे अपनी आँखों पर यकीन नहीं होता है।