मुलायम सिंह यादव ने अपने अनूठे व्यक्तित्व और क्रियाकलापों से भारतीय राजनीति में पारम्परिक मूल्यों आदर्शों सादगी और शुचिता की स्थापना की है। निरंतर संघर्ष करते हुए उन्होंने शून्य से शिखर तक की यात्रा करके आज वह स्थान हासिल कर लिया है जिस पर समाजवादी आंदोलन को गर्व है।<br>वे डॉ. राममनोहर लोहिया के सच्चे शिष्य हैं और उनकी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज एक जीवित किंवदंती बन चुके हैं।<br>इस पुस्तक में उनके व्यक्तित्व संघर्षों राजनैतिक उच्चावचन और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका को प्रमुखता से उकेरा गया है।