एक मुट्ठी सृजन जो नवोदित कवि श्री अरुण कुमार श्रीवास्तव द्वारा रचित है की कुछ कविताओं को प्रकाशन पूर्व पढ़ने का मौका मिला | कविताओं के सांगोपांग अनुशीलन पश्चात् इस बात का सुखद आश्चर्य हुआ कि विज्ञान प्रबंधन और विधि का एक छात्र और जिन्होंने भारतीय खाद्य निगम में 35 वर्षों की अहर्निश सेवा की हो इतनी अच्छी कविताओं का सृजन कैसे कर सकता है ?