बलिराज चौधरी कविता में व्यंग्य रचते हैं। उनकी कविता के विषय सामान्य जनजीवन पारिवारिक कलह वर्तमान राजनीति देश-प्रेम स्त्री-प्रेम पति-पत्नी द्वंद जीवनादर्श आम जीवन की उठा-पटक आदि है। वे तुकांत कविता मुक्तक समस्यापूर्ति हास्य-व्यंग्य लगातार लिखते आ रहे हैं। यह उनकी काव्य- जिजीविषा ही है कि बातों से विचारों से अंदाजे-बयां से बिल्कुल तरोताजा कर देते हैं-व्यक्ति को माहौल को साथ ही समय की विद्रूपता को लेखनी से कह डालते हैं-बिना किसी हिचक के बिना किसी रुकावट के। उनकी यही विशेषता लोगों को और पाठकों को भा जाती है। वे मूलतः बिहार के रोहतास से संबंध रखते हैं अतएव उनकी भोजपुरी भी बहुत आकर्षित करती है। हिन्दी व्यंग्य कविता-संग्रह ''इक रात श्याम सपने में आए'' में इनकी बेहतरीन कविताओं का संग्रह है.