इस कहानी के किरदार काल्पनिक हैं। लेकिन कहानी ठीक वैसी ही है जैसी होती आई है। एक क्राइम रिपोर्टर है उसका अपना तेवर है न्यूज़ चैनल है अख़बार है रिपोर्टिंग है और सिस्टम है; दफ़्तर की राजनीति है फ़ील्ड की चुनौती है और ख़बरों का झाम है। हर दिन हर वक़्त किसी-न-किसी तरह का एन्काउंटर है।