Express Way
shared
This Book is Out of Stock!

About The Book

एक्सप्रेसवे सिर्फ एक किताब नहीं यह सपनों संघर्षों और बदलाव की दास्तान है। ननकऊ अपनी मासूमियत में दुनिया खोज रहा है जबकि मदन चाचा अपनी खोई हुई ज़मीन और पहचान। गौरी ने एक्सप्रेसवे के सहारे नई राह बनाई और दीपेश एक आईटी प्रोफेशनल अब भी टूटी सड़कों और लखनऊ में बसे अपने माता-पिता के बीच फँसा है। ये कहानियाँ आपको हँसाएँगी रुलाएँगी और सोचने पर मजबूर करेंगी। अगर आप ज़िंदगी के बदलते रंगों को महसूस करना चाहते हैं एक्सप्रेसवे आपका इंतज़ार कर रही है।
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.
173
199
13% OFF
Paperback
Out Of Stock
All inclusive*
downArrow

Details


LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE