...पीढ़ीगत अंतराल वाले दो महत्वपूर्ण कथाकार जब मिलकर एक उपन्यास लिखें तो स्वाभाविक है कि हिंदी संसार में उत्सुकता से उसकी प्रतीक्षा की जा रही थी । अब जब यह पाठकों के हाथों में पंहुच रहा है मुझे विश्वास है कि वे निराश नहीं होंगे। इस उपन्यास में प्रेम घृणा वियोग संयोग सभी कुछ है । अपराध को केंद्र मे रखकर ऐसा अद्भुत प्रेम उपन्यास है यह जिसे एक बार पढ़ना शुरू कर कोई सुधी पाठक बीच में छोड़ नहीं सकता । एक से अधिक लेखकों द्वारा मिलकर पहले भी एकाधिक उपन्यास लिखे गए हैं पर मुझे लगता है कि यह उनसे अलग एक विलक्षण कृति है जिसे विश्व की किसी भी भाषा के पाठक पढ़कर आनंदित होंगे । - विभूति नारायण राय