प्रिय पाठको काव्य संग्रह फासले में कवि का उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुँचाना कदापी नहीं है अपितुः वास्तविकता को सामने लाना है फासले (कोरोना) विषय को समझाने के लिए कवि ने कविताओं के माध्यम से कोरोना से सावधानियों से बचा जा सकता है बताया है। जनहित में यह पुस्तक निश्चित रूप से कारगर है फासले वास्तव में कोरोना काल के पैदा हालात में मजबूर लम्हों परकुछ पहलुओं पर प्रकाश डालता एक छोटा - सा प्रयास है। फासले वास्तविक मायने में महज अल्फाजों का संग्रह नहीं बल्कि अनकहें सहे अहसासों और सत्य की तलाश का एक सिलसिला है। इन अहसासों के माध्यम से यदि मैं आपके हृदय तक तनिक भी पहुँच पाया तो मेरा यह नन्हा- सा प्रयास सफल हो जाएगा। इस पुस्तक को आपके समक्ष प्रस्तुत करते हुए अपार खुशी और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। मेरे अल्फाजों के प्रेरक और जीवन आदर्श मेरे पूज्य दादा व पिता जी के चरणों को वंदन करते हुए फासले एक अहसास आप सबको सौंपता हूँ। साथ ही उन सभी का हृदय से शुक्रिया जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मेरा मार्गदर्शन किया मुझे अपना प्यार दिया है। ताकी तीसरी वैश्विक जंग इन चार से जीत लें जानने के लिए पुस्तक फासले पढें और पढायें - गुरप्रीत सिहँ कुरूक्षेत्र।