‘फेसबुक वाया फार्म विले’ पुष्पा जी की कहानियों का पहला संग्रह है जिसमें 17 कहानियां संकलित हैं। कहानियों में कथ्य शिल्प और भाषा का वैविध्य एक मुकम्मल संग्रह की प्रतीति कराता है। इन कहानियों में आलोचना के मानकों जैसा कुछ नहीं है बस एक सहज सीमा आत्मीय अभिव्यक्ति है जो अपने समय और जीवन को ईमानदारी से अभिव्यक्त करती हैं। पुष्पा जी जीवन और लेखन के विभिन्न आयामों में एक साथ सक्रिय हैं इसलिए उनकी भाषा जीवंत और लेखन अनुभव से प्रमाणित है। उनके यहां लोक की संवेदना का रचाव परिवार की परस्परता आत्मीयता और दायित्व बोध के साथ-साथ आधुनिक संवेदन से भरा गतिशील अंतस है।--राम कुमार तिवारी