कोरोना काल में विश्व में आई आपदा के कारण नकारात्मकता से अपने आपको एवं अपने परिवार को सकारात्मक जीवन जीने के लिए एवं दिमाग को नकारात्मकता से दूर रखने के लिए चन्द शब्दों को बुनकर अपनी मनपसन्द कहानियों की सुन्दर माला पिरोने की प्रेरणा मिली। जिसमें मेरी दोनो बेटियाँ आशिता मोक्षमार आयुषी मोक्षमार एवं धर्मपत्नि श्रीमति सुनिता मोक्षमार ने भी समय-समय पर प्रोत्साहन रूपी काढ़ा दिया और इम्यूनिटी बढ़ाते रहे। आप लोगो से भी उम्मीद करता हूँ कि मेरी पिरोयी हुई माला के फूलों की खुशबू का आनंद लें।