*गणित अभिरुचि* यह पुस्तक किशोर मन को केन्द्र में रखकर रची गई है। जिज्ञासाओं से भरा मन ही संभावनाओं को जन्म देता है और संभावनाएँ ही संभव में परिणीत होती हैं। जिज्ञासा से परिणाम की यह यात्ना गणना से ही शुरू होती है। गणना को आधुनिक स्वरूप में हम गणित (मैथ) के रूप में जानते हैं। इस पुस्तक का यही उद्देश्य है कि बच्चे गणित के गणितिय चिन्हों को जानें-पहचानें-समझें प्रयोग करके गणित सीखें और इन्हें अपना मित्र बनाएँ। ताकि गणित के प्रति डर उनके भीतर से दूर हो। अतः पुस्तक में गणितिय चिन्हों का विभिन्न अध्यायों के माध्यम से बहुत सुंदर प्रस्तुतिकरण किया गया है। वहीं अभ्यास प्रश्नों ने इसे पूर्णता प्रदान की है। सरल और बोधगम्य होने के चलते किशोर जोड़ना (+) घटाना (-) गुणा (×) और भाग (÷) आदि का भरपूर अभ्यास का लाभ ले सकते हैं।