पाकिस्तानी ग़ज़लों के उपवन का एक ऐसा मनमोहक गुलदस्ता जिसमें जाने-पहचाने गुलाब तो सजे ही हैं ऐसे ताज़ा और सुगन्ध वाले फूल भी सुसज्जित हैं जिनकी रंग-ओ-खुशबू से भारतीय काव्य प्रेमी अभी तक परिचित ही नहीं हैं। जिनकी भीनी-भीनी महक उनके दिल-ओ-जाँ को भी मुअत्तर करने की सामर्थ्य रखती है।<br>फैज़ अहमद फ़ैज़ हफ़ीज़ जालंधरी अहमद नदीम कासमी क़तील शिफाई नासिर काज़मी वज़ीर आगा अहमद फ़राज परवीन शाकिर आदि प्रख्यात शायरों सहित पचहत्तर पाकिस्तानी शायरों की एक सौ पचास बेहतरीन ग़ज़लों का अद्वितीय संकलन।