दो शब्द- मेरे प्रिय बाल साथियों ! आप के सुकोमल हाथों में यह नव बाल कविता संग्रह गीत बचपन के समर्पित करते हुए मैं अत्यंत हर्षित हूं। इसके पहले आपके बीच मेरे दो बाल कविता संग्रह गाती नदियांव मेरा सुनहला भारतआ चुके हैं। जिन्हें आप सबका ढेर सारा स्नेह व प्यार मिला। आशा है इस कविता संग्रह की प्यारी-प्यारी कवितायें अवश्य ही आप का मन मोह लेंगी। यह कविताएं केवल आपका मनोरंजन ही नहीं वरन् ज्ञान वर्धन व तमाम जानकारी से भरी पूरी अत्यंत मोहक भी है। इन कविताओं में निहित जीवन मूल्यों को अपने जीवन में उतारेंगे तभी इनकी सार्थकता होगी इसी आशा के साथ आपका रोहित सिंह गौर।हरदोई अगस्त - 2025