प्रस्तुत गीतिका संग्रह वरिष्ठ कवि श्री महेश चन्द्र त्रिपाठी जी की रचनाधर्मिता की विविधता के एक अन्य पक्ष को प्रस्तुत करता है। आपने काव्य की विभिन्न विधाओं में सफल लेखन कार्य किया है और निरन्तर कर रहे हैं। बाल साहित्य पर आपके अनेक संग्रह प्रकाशित बहुचर्चित तथा प्रशंसित हैं। इस संग्रह के माध्यम से आपने गीतिकाओं का शानदार शतक जड़ा है। आपकी गीतिकाओं में एक ओर जहाँ कथ्य की गहराई है वहीं दूसरी ओर समझने की दृष्टि से सहजता और सरलता भी है। प्रवाह इनकी अतिरिक्त विशिष्टता है जो गीतिकाओं के लिए अति आवश्यक है। - प्रस्तुत गीतिका शतक में नामानुरूप समय समय पर रची गई एक सौ गीतिकाएँ संग्रहीत हैं। अधिकांश गीतिकाएँ सोशल मीडिया के किसी न किसी पटल पर प्रकाशित की जा चुकी हैं। पाठकों द्वारा प्रशंसित गीतिकाओं के संकलन के प्रकाशन का विशेषाग्रह उन मित्रों का है जिनका सोशल मीडिया से नाता न्यूनातिन्यून भी नहीं है।