“गूंज” कविताओ के माध्यम से उन सभी भावनाओ का संग्रह है जिन्हें एक सामान्य मनुष्य अपने निजी एवं सामाजिक जीवन में अनुभव करता है। इस पुस्तक ने हर उस विचार एवं अवस्था को दर्शाने का प्रयास किया है जिसे एक मनुष्य अपने जीवन में बोझ समझकर लिए घूमता है। ऐसी सभी नकारात्मक भावनाओ से छुटकारा पाने के लिए “गूंज” एक गूंज बनकर गूंजने का प्रयास करती है।