Gumnam Hakikat : A Forgotten History


Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.

LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE

About The Book

इस पुस्तक को आप मोटे तौर पर दो कारणों से पढ़ सकते हैं। पहला ये कि इसमें आपको अपने स्वर्णिम अतीत की भरोसेमंद जानकारी से साक्षात्कार हो सकेगा। दूसरा ये कि कई प्रचलित भ्रांतियों से मुक्तिबोध हो सकेगा। पिछले ढाई दशक के कठिन परिश्रम से टुकड़ों में संकलित जानकारी का सर्वजन के लिए प्रकटीकरण जरूरी था अन्यथा ये मेरे साथ चला जाता। इस पुस्तक में आपको सुदूर गाँव की उत्कृष्ट स्मृति उन्नत सभ्यता और सामाजिक सौम्यता का एकीकृत संकलन पढ़ने को मिलेगा। मेरी यह कोशिश 90 के दशक में आरंभ हो चुकी थी। स्थानीय स्तर पर इकट्ठा जानकारी के अतिरिक्त भागलपुर वैशाली शिवहर और अंत में पटना आदि स्थानों से उस दौर की जानकारी इकट्ठा करना आसान नहीं था। इस कार्य में कई लोगों का भरपूर सहयोग मिला और कई लोगों ने निराश भी किया। संकलन संपन्न हुआ तो प्रकाशन की चुनौती खड़ी हो गई। दुविधा के दोराहे को पार करते हुए ‘गुमनाम हकीकत’ आज आपके सामने है। इस पुस्तक में वैसी तमाम हकीकत को तलाशने की कोशिश की गई है जो आज गुमनामी के अँधेरे में... धुंधलका के बियाबान में...या भ्रांतियों की तुरपाई में...कहीं गुम होने लगा था। क्षितिज की विशालता और स्मृति के संकुचन को निचोड़कर निकाली गई प्राणमयी जानकारी से लबरेज इस पुस्तक को आपका स्नेह...कालजयी बना सकता है। समयचक्र में पीछे मुड़कर अपने अतीत में झाँकने और अपने धरोहर को करीब से समझने की चाहत रखने वालों का भरसक ख्याल रखा गया है। मेरा यह प्रयास आपके उम्मीदों की कसौटी पर तुला-मापन हेतु प्रस्तुत है।
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
Fast Delivery
Fast Delivery
Sustainably Printed
Sustainably Printed
downArrow

Details