गांव में पहले पढ़ाई करने में कितनी दुश्वारियां झेलनी पड़ती थीं उसकी एक झलक इस पुस्तक में मिलेगी। गांव का माहौल पढ़ाई के बिलकुल भी अनुकूल नहीं था । कोई बिरला ही इन बाधाओं को पार कर पढ़ पाता था। एक ही बात अच्छी थी कि आसपास का वातावरण आधुनिक संचार माध्यमों तथा प्रदूषण से मुक्त था जो पढ़ाई करने में भी सहायक था।