जनता और केवल जनता ही दुनिया के इतिहास का निर्माण करने वाली प्रेरक षक्ति होती है। माओ का कहना था कि ’’पार्टी’’ के समुचे अमली काम में सही नेतृत्व के लिये जनसमुदाय से लेकर जनसमुदाय को ही लौटा देने का तरीका अपनाना निहायत जरूरी है। इसका तात्पर्य यह है कि जनसमुदाय के विचारों को विखरे हुये और अब्यवस्थित विचारों को एकत्रित करो और उनका निचोड़ निकालों। इसके बाद जनसमुदाय के बीच जाओं और इन विचारों को प्रचारित करो जन समिश्टि के पास पहुंचकर विचार एक भौतिक षक्ति बन जाते हैं। सेना और पुलिस मिलकर जिस प्रकार किसी जमीन पर झाड़ियों को काट कर विल्कुल खाली करते हैंसाफ करतें है। राजनैतिक ढांचा अच्छा होना चाहिए थॉम्पसन कहते है कि सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए सामाजिक आर्थिक क्षेत्र में सरकार को जनता की हर सम्भव सहायता करनी चाहिए। यही प्रतिगुरिल्ला के चार चरण है।