यह लेख मेरे सभी पुत्र पुत्रियों एवं नवयुकों के लिए एक पिता की सीख है और एक गुरूजी की शिक्षा है ।मैं एक पिता और गुरूजी होने के नाते अपने अंत: ह्रदय से जो शिक्षा और प्रेरणा सभी भावी भारत के कर्णधार बच्चों को देना चाह रहा हूँ वही प्रेरणादायक शब्द इस पुस्तक में रचित है ।आशा है इस पुस्तक के माध्यम से एक पिता और एक गुरूजी का आशीर्वाद बना रहे । जो आपका लक्ष्य है उस पर आपको सफलता प्राप्त हो आपके माता पिता का स्वप्न आपके मेहनत और सतकर्मो से साकार हो । यही मेरी इस पुस्तक लिखने का मुख्य उद्देश्य है ।