वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड19) के संक्रमण कीरोकथाम हेतु 22 मार्च 2020 से देश में लाॅकडाउन का सिलसिला शुरूहुआ। इस दौरान सुरक्षा हेतु घर की चार दिवारी में बंद रहना पड़ा।भीड़भाड़ वाले नगरों की तुलना में गांव को ज्यादा सुरक्षित महसूस कियागया। प्रवासी श्रमिकों में अपनेअपने गांव लौटने की अफरातफरी मची।एक श्रमिक अपने बैलगाड़ी के लिए दूसरा बैल न होने पर स्वयं गाड़ी कोखींचते हुए उसमें अपने परिजनों को बैठा कर अपने गांव लौटा। कुछ इसीतरह की और भी मार्मिक घटनाएँ देखने व पढ़ने को मिली।