इस पुस्तक में अकबर से जीवन-भर लड़ने वाले महाराणा प्रताप द्रोणाचार्य का चक्रव्यूह बेधने वाले अभिमन्यु औरंगज़ेब को लोहे के चने चबाने वाले शिवाजी अंग्रेज़ों को चुनौती देने वाले टीपू सुलतान और हैदर अली अंग्रेज़ों के ही खि़लाफ़ युद्ध में रानी लक्ष्मीबाई के सहयोगी तांत्या टोपे और दुर्गादास राठौर तथा कुंवरसिंह जैसे महान योद्धाओं की अमर कहानियाँ दी गई हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राणों की बाज़ी लगा दी।.