हनुमान चालीसा भक्तियुक्त और आध्यात्मिक अनुभव का एक अनूठा संगम है। युवाओं में हनुमान जी के प्रति अपार श्रद्धा और आस्था है। अब प्रश्न यह उठता है कि हम रोज इसका पाठ कर हनुमान जी को क्यों स्मरण करें ? हनुमान चालीसा का एक वैज्ञानिक पक्ष है जिसके विषय में भक्तों को बहुत कम जानकारी है। हनुमान ज्ञान के सागर हैं जो यह संदेश देते हैं कि शिक्षा और ज्ञान मनुष्य को वैज्ञानिक पक्ष से रू-ब-रू कराता है। चालीस में प्रबंधन का वैज्ञानिक विश्लेषण भी है। आज प्रबंधन और वाणिज्य का दौर है जिसकी एक पद्धति है। यहां भी विज्ञान काम करता है। मानसिक द्वंद्व और देश-समाज में अपने आप को अलग और विशिष्ट सिद्ध करने के लिए हनुमान जी जैसी खुबसूरती चाहिए जो केवल आपकी कार्यक्षमता और कार्यप्रणाली से ही विकसित हो सकती है। हम धर्म आस्था और विश्वास में कहीं-न-कहीं वैज्ञानिक पक्ष को भूल जाते हैं। यही याद दिलाती है हनुमान चालीसा। सनातन धर्म एक वैज्ञानिक पद्धति है। यहां जीवन के हर पक्ष में विज्ञान के अलावा और कुछ नहीं है। हनुमान जी का जीवन चरित्र भी हर पल विज्ञान का साक्षी है। शांत मन जिज्ञासा सेवा शक्ति प्रेम दृढ़ संकल्प नियमित जीवन आदि अनेक ऐसे तत्व है जो हमें विज्ञान की ओर ले जाते हैं। विज्ञान केवल एक विषय नहीं है अपितु एक पद्धति है जो हमें हनुमान चालीसा के माध्यम से प्राप्त होती ।