भारत एक पुनर्विचारसंवाद सहयोग और सहभागिता के आधार पर तैयार शृंखला यह एक प्रयास है जो:- देश की वर्तमान समस्याओं और चुनौतियों के सकारात्मक समाधान को खोजता है- हमारे बुनियादी संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है- एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों के विकास के साझा लक्ष्य को क्रियान्वित करेचौदह पुस्तकों की शृंखला समृद्ध भारत फ़ाउंडेशन द्वारा चार वरिष्ठ संपादकों - आकाश सिंह राठौर मृदुला मुखर्जी सैयदा हमीद और पुष्पराज देशपांडे - की देख-रेख में तैयार की गई है। भारत के 150 प्रमुख विचारकों के योगदान से संपन्न यह शृंखला वर्तमान सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक प्रतिमानों का पुनर्विचार करती है ताकि भारत के संवैधानिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। प्रत्येक पुस्तक देश के किसी एक ज्वलंत मुद्दे पर केंद्रित है और उसे उस विषय के विशेषज्ञों द्वारा लिखा गया है।भारत में रोजगार कैसे पैदा करें? भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश केवल 2040 तक चलेगा। इस कारण हर वर्ष सवा करोड़ गैर-कृषि रोजगार उत्पन्न करना होगा। इसलिए एक प्रभावी औद्योगिक नीति छोटी इकाइयों पर नई तवज्जो सौर ऊर्जा का दोहन शहरी रोजगार के लिए बुनियादी ढांचे और घरों पर निवेश तथा महिलाओं एवं गरीबों के लिए उच्च शिक्षा बेहद ज़रूरी हैं। इन सभी महत्त्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा इस पुस्तक में की गई है।