मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में प्रोफेसर एवं प्राचार्य के रूप में सेवा दे चुके डॉ. एच.एल. माहेश्वरी ने 42 वर्षों तक स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों को अध्यापन कराया। साथ ही आपके निर्देशन में कई छात्र-छात्राओं ने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। कई पत्र-पत्रिकाओं में आपके लेख और शोधपत्र प्रकाशित हुए हैं। आपकी प्रमुख प्रकाशित कृतियाँ हैं -<br>1. रुकिए जरा आत्महत्या से पहले<br>2. खूबसूरती से जिएं 55 के बाद<br>3. खूबसूरती से जीवन जीने की कला<br>4. हंसते मुस्कुराते प्रसन्नता से जिएं<br>5. सुखी जीवन के प्रभावी सूत्र<br>6. दुष्कर्म पर कैसे लगे लगाम?<br>7. जिएं शानदार जिंदगी 60 के बाद<br>8. सहजें खुशियों का खजाना: दोस्ती<br>9. ढूंढते रह जाओगे इंसानियत<br>10. बिना मरे पाएं स्वर्ग<br>11. पायें दुःखों से छुटकारा<br>12. खुशियों की चाबी आपके हाथ<br>13. हंसते-हंसते जियें हंसते-हंसते अलविदा<br>14. क्या आप जिन्दा हैं?<br>वर्तमान में आप महाविद्यालयीन शैक्षणिक संस्थाओं के अकादमिक सलाहकार पीएच.डी. शोध निदेशक व भारतीय भाषा सद्भावना परिषद के प्रान्तीय अध्यक्ष हैं।