यह उपन्यास छपते ही इतना प्रसिद्ध हुआ कि इस पर फि़ल्म बनी और नाटक बनाकर प्रदर्शित किया गया। इस पर ताकियामा को साहित्यिक पुरस्कार भी मिला और इसे यूनेस्को के समकालीन साहित्य के अनुवाद संकलन में शामिल कर लिया गया। विश्व के महान् उपन्यास ‘हरा तोता’ में मिचियो ताकियामा ने द्वितीय विश्व युद्ध से कहानी उठाई है। इसका संदेश हर काल में जीवंत और प्रेरक है। यह सर्वप्रथम एशियाई कृति है|
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