भारतीय राजस्व विभाग में कमिश्नर के पद पर कार्यरत आभा काला जी की कविताएँ मानवीय संवेदनाओं का साक्षात दर्पण है. कविताओं के माध्यम से आभा जी जीवन में मानवीयता एवं आत्मीयता को सर्वोपरि माना है. जीवन में अपने कार्य को आदर्श मानने वाली आभा जी की यह तीसरी किताब है.