प्रेम आज के परिवेश में जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण भाव है जिसके प्रति समाज की उदासीनता चकित कर रही है। भौतिक सुख सुविधाओं के लिए रोज मर्रा की भागम-भाग में आज प्रेम की कोमल अनुभूति से जुड़ने के लिए किसी के पास समय नहीं है। हमें पैसे की अस्थाई चमक - धमक से स्थायी प्रेम भाव को ऊपर रखने का अभ्यास करना होगा नहीं तो ईर्ष्या नफरत तथा क्षणिक सेक्स के सिवा हाथ में कुछ भी नहीं बचेगा। “हथेली में चाँद” कविता संग्रह में सभी कविताएँ “प्यार - इश्क – सरोकार” की उन महकती अनुभूतियों को पाठक के सामने प्रस्तुत करती हैं जिनको पाठक भूल सा गया है। कविताओं में जहां प्रेमिका प्रेमी की अतरंगता को शब्दों द्वारा खूबसूरती से उभारा गया है वहीं विवाह उपरांत भी “प्यार या चाहत या लगाव” को शिद्दत से महसूस कर शब्दों में सहज उकेरा गया है यह प्रेम कविताओं का संग्रह सभी को प्रभावित करेगा दाम्पत्य जीवन में आधी उम्र के बाद का प्रेम खूबसूरती के साथ चिन्हित किया गया है।प्रेम कविताओं का संग्रह हथेली में चाँद अवधेश सिंह द्वारा रचित निखालिस प्रेम में डूबी कविताओं का यह उनका दूसरा संग्रह है। पहला संग्रह छूना बस मन काफी चर्चा में रहा था। लेखक अवधेश सिंह की अब तक हिन्दी भाषा में कुल 11 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं है। आज साहित्य की सभी विधाओं में सशक्त हस्ताक्षर के रूप में स्थापित भारतीय सूचना सेवा के पूर्व अधिकारी 'अवधेश सिंह' साहित्य के वैश्विक पटल पर यह एक लोकप्रिय जाना माना नाम है।
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