अपराध-लेखन की दुनिया में हत्या उपन्यास एक महिला लेखिका की सशक्त पहल है जिसमें छोटी-सी घटना के इतने कोण बन जाते हैं इतने मोड़ आ जाते हैं कि पाठक बेसब्री से किताब के पन्ने पलटता जाता है कि कब रहस्य का कोई सिरा मिल जाए। दिल्ली के फ़ार्महाउस में एक स्त्री की हत्या की जब पुलिस जाँच शुरू होती है तो कहानी के तार एक तरफ़ ज़मीन और बिल्डर माफ़िया के कारनामों से जुड़ते चले जाते हैं और दूसरा सिरा एक महिला की महत्त्वाकांक्षा और शोषण को बयान करता है। इन्हीं दो सिरों को बारीकी से इस कहानी में जोड़ा गया है जो जितने महीन हैं उतने ही झीने भी हैं। उपन्यास पढ़ते हुए लगता है हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ हम सब कुछ देखते हुए भी अनदेखा कर देते हैं सब कुछ जानते हुए भी कुछ नहीं समझते। हत्या केवल एक लड़की की हत्या का आख्यान भर नहीं बल्कि समाज में व्यवस्था और संबंधों की हत्या का एक दस्तावेज़ है जिसमें जाति वर्ग और जेंडर के सवाल भी जुड़े हैं। अनेक आंदोलनों से जुड़ी और पत्रकार रहीं अंजली देशपांडे का यह दूसरा उपन्यास है। भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि पर आधारित पहला उपन्यास अंग्रेज़ी में इम्पीच्मेंट और हिन्दी में महाभियोग शीर्षक से प्रकाशित है। इनकी कहानियाँ अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में छपती रहती हैं। इनका संपर्क है anjalides@gmail.com