हर व्यत्तिफ़ के पास जीवन जीने के दो तरीके हैं पहला- मैं जो करना चाहता था वह कर नहीं पा रहा। दूसरा - मैं जो चाहता था वह कर पा रहा हूँ या उसके लिए प्रयत्न कर रहा हूँ। सफलता और असफलता दोनों जीवन के साथ-साथ चलने वाले पहलु हैं। सफलता हर एक व्यत्तिफ़ को एक बार में मिल जाए यह जरूरी नहीं लेकिन असफल होकर पुनः उठना उठकर उस उद्देश्य को पाने के लिए कार्य करना यह महत्वपूर्ण भी है और जरूरी भी। असफल होने पर व्यत्तिफ़ एक सहारा चाहता है। एक ऐसा सहारा जो उसे प्रेरणा दे सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह पुस्तक लिखी गई है। इस पुस्तक में विभिन्न क्षेत्रें में कार्य कर रहे लोगों के संघर्षमय जीवन की गाथा है। आशा है पाठकों को मेरा यह प्रयास अच्छा लगेगा। - सोनिया प्रदर्शनी