पूनम भाटिया की कविताओं में महकते प्रेम और उमगते जीवन की गंध अपनी पूरी अर्थवत्ता के साथ विद्यमान है। कहना चाहिए कि पूनम का यह कविता संग्रह ‘हवा की गंध’ उनके परिपक्व जीवनानुभवों और मानव मूल्यों के प्रति आस्था की अभिव्यक्ति करने में एक सार्थक पड़ाव सिद्ध हो सकेगा। -कैलाश मनहर